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उत्तराखंड

नौले-धारों और नदियों के पुनर्जीवन को लेकर डीएम ने दिए प्रभावी कार्ययोजना के निर्देश

सारा की जिला स्तरीय बैठक में जल स्रोतों के संरक्षण पर जोर, 51 रिचार्ज शाफ्ट के कार्य पूर्ण; बांदल नदी की विस्तृत डीपीआर तैयार होगी

देहरादून। प्राकृतिक जल स्रोतों-नौले-धारों तथा नदियों के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्जीवन को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गुरुवार को वर्चुअल माध्यम से स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवेनेशन अथॉरिटी (सारा) की जिला स्तरीय बैठक की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ लक्ष्य निर्धारित कर एकीकृत दृष्टिकोण से प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने और कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवेनेशन एक महत्वपूर्ण योजना है। इसके तहत जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन एवं सौंदर्यीकरण के लिए किए जा रहे कार्य धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए तथा उनका वास्तविक लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने सारा से धनराशि प्राप्त कर चुके विभागों को आवंटित धनराशि का शीघ्र उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

वन प्रभाग मसूरी की कम वित्तीय एवं भौतिक प्रगति पर डीएम ने जताई नाराजगी
वन प्रभाग मसूरी में वित्तीय एवं भौतिक प्रगति अपेक्षाकृत कम पाए जाने पर जिलाधिकारी ने पूर्ण हो चुके कार्यों का शीघ्र सत्यापन कराने तथा सत्यापन के बाद लंबित भुगतान की कार्रवाई जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।

बैठक में लघु सिंचाई विभाग ने बताया कि विभाग द्वारा 51 रिचार्ज शाफ्ट के कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। जिलाधिकारी ने इन कार्यों से भूजल स्तर एवं जल संरक्षण पर पड़े प्रभाव का आकलन करने के लिए केंद्रीय भूजल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) के साथ संयुक्त रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

गडूल नदी में शुरू होंगे जल संरक्षण के कार्य
‘एक जनपद, एक नदी’ योजना के अंतर्गत सोग नदी कैचमेंट की सहायक नदी गडूल नदी में कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए सारा द्वारा बजट भी अवमुक्त किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य शीघ्र शुरू करने को कहा।

जनपद में ऐतिहासिक, पौराणिक एवं सांस्कृतिक महत्व के चयनित पांच धारे एवं नौले की डीपीआर तैयार करने के लिए आर्किटेक्ट को स्थलीय निरीक्षण कर शीघ्र डिजाइन एवं रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि डीपीआर समय से सारा मुख्यालय को भेजी जा सके।

बांदल नदी की विस्तृत डीपीआर तैयार होगी
बांदल नदी के समग्र विकास एवं पुनर्जीवन के लिए विस्तृत डीपीआर तैयार करने के निर्देश लघु सिंचाई, सिंचाई, वन, जल संस्थान एवं ग्राम्य विकास विभाग को दिए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को समन्वय से डीपीआर तैयार कर अगली बैठक में उसका प्रस्तुतिकरण करने को कहा।

सीरीज ऑफ चेकडैम पर जोर
वर्षा जल संरक्षण के लिए सघन वृक्षारोपण, खंती, चाल-खाल, चेकडैम सहित विभिन्न जल संचयन संरचनाओं के निर्माण की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सीरीज ऑफ चेकडैम विकसित किए जाएं, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो और इसका प्रत्यक्ष लाभ स्थानीय जनता को मिल सके।

बैठक में बाण गंगा, खट्टा पानी, नौका धारा, पानी वाला बैण्ड, मालदेवता, विवेकानंद बावडी, नाला पानी, केशरवाला, सौडा सरोली, आम खाला, तुरानी खाला, पंछी खाला, कैरवान आदि जल स्रोतों की संचालित संरक्षण, संवर्धन एवं सौन्दर्यीकरण कार्यो की समीक्षा की गई।

नोडल अधिकारी लघु सिंचाई के अधिशासी अभियंता ने बताया कि जल स्रोतो के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु सारा के अंतर्गत कुल 2105.09 लाख बजट स्वीकृत है। जिसमें से 374.79 बजट विभागों को अवमुक्त किया गया है। इसमें से विभागों द्वारा अब तक 344.98 लाख धनराशि व्यय की गई है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अधीक्षण अभियंता लघु सिंचाई विनय कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता एवं सदस्य सचिव सारा, क्षेत्रीय निदेशक डॉ. प्रशांत रॉय, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित वन प्रभाग देहरादून, मसूरी एवं चकराता, जल संस्थान, सिंचाई विभाग, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा सारा के संबंधित अधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।